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झंडा कौन फहराएगा ?

ये गन्दी राजनीती है,ये बुझदिली है हमारी और हमारे नेताओं का,ये प्रश्न भी कैसे उठ सकता है,अगर तिरंगा श्री नगर में नहीं फहराया जायेगा तो क्या वाशिगटन में फहराया जायेगा,भाजपा का मकसद राजनीती से प्रेरित हो सकता है,लेकिन काम ग्लत नहीं है,हमें याद रखना चाहिए की इसी तिरंगा को फहराने के लिए हजारों वीर शहीद हुए..
कश्मीर भारत के अन्य राज्यों की तरह ही एक और राज्य हैं, दुर्भाग्य हैं, इस देश का की यहाँ धरा ३७० जैसी भी कानून है
मैं उमर अब्दुल्लाह की इस बात का समर्थन करता हूँ की ये बार बार दोहराने की चीज नहीं की कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, ये दिखलाता है की हम इस बात को सिद्ध करने की जरुरत है, क्यूंकि ऐसा कभी बिहार या उत्तरप्रदेश के लिए नहीं कहा जाता, उस दिन मुझे उमर के इस बयान में जहाँ देशभक्ति दिखी थी वहीँ परिपक्वता का एहसास भी हुआ था, और ऐसा लग रहा था की कश्मीर घाटी में हो रहे प्रदर्शन,दिये की बूझने से पहले की तेज लोअ है, लेकिन अब जबकि उमर साहेब ने ये बयान दिया है की लाल चौक पर झंडा फहराना, कश्मीर में फिर से अशांति को बुलवा देने जैसी बात है, तो मुझे लग रहा है की वे विरोध प्रदर्शन आंधी आने के पहले के संकेत हैं,लोकतंत्र या फिर कोई तंत्र देश से ऊपर नहीं होता, और फिर ऐसा कहीं नहीं लिखा है की लोकतंत्र में लोंगोनो को देश के मान और मर्यादा का खुला उलंघन करने का लईशेंस मिला हुआ है, कश्मीर ही क्या मैं देश की हर हिस्से की बात करता हूँ, जहाँ कहीं भी इस तरह का माहौल है, वहां सरकार को चाहिए की पहले वो जनभावनाओं का सम्मान करते हुए समस्या का समाधान करने का प्रयास करे, अगर जनता किसी बात से नाराज है तो उसकी नाराजगी दूर की जाये, (जैसे की कश्मीर में अर्मेद फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट को हटा लिया जाये, वहां शहरी क्षेत्र में सशस्त्र बालों की संख्या कम की जाये, बच्चों को स्कूल और बड़ों को काम दिया जाये) और अगर फिर भी लोग देश के हितों का सम्मान नहीं करते तो सरकार को पूरा हक है की वो राष्ट्र हित में फैसला करे न की, व्यक्तिगत या क्षेत्रीय हितों में ! जो लोग कश्मीर में झंडा फहराने की बात को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं फिर चाहे समर्थन या विरोध कर के वो, वो देशद्रोही हैं, लाल चौक पर झंडा फहराने का काम कश्मीरियों को करना चाहिए, क्यूंकि ये उनका कर्तव्य है अपने वतन के नाम !
मैं अपने कश्मीरी भाइयों एवं बहनों से गुजारिश करना चाहूँगा की वो बहकावे में न जाएँ, भारत ही उनका वतन है और मुजहिरों के बहकावे में आकर वतनपरस्ती न करे, ये गुनाह-ऐ-अजीम है, अगर आप भारत को अपना देश समझेंगे तो आपकी हर समस्या में पूरा भारतवर्ष आपके साथ है, कश्मीर ही नहीं पूरा भारतवर्ष आपका है, ये सरकार आपकी है, आपकी हर मांग के साथ हम सभी हैं, शायद कोई भी भारतीये फिर वो हिन्दू हो या मुस्लिम कश्मीर को भारत से अलग होता हुआ नहीं देख सकता, ये तो खून का रिश्ता है, वास्तव हम सभी एक शारीर के ही तो हिस्सा हैं, फिर सर से धर लग हो कर कैसे जिन्दा रह सकता है,
कश्मीर आपका है, हर भारतीय का है और वहां झंडा भी भारतीये फहराएगा कोई भाजपा या कांग्रेस नहीं और अगर इस बात पर किसी के जेहन में प्रश्न भी उठता है तो ये अनेकों कुर्बानियों का अपमान होगा! और २६ जनवरी ही क्योँ हर दिन वहां तिरंगा फहराया जाये ! और ऐसा करना हर भारतीय का अधिकार ही नहीं कर्त्तव्य भी है, और जो लोग डंका बजा कर तिरंगा फहराने की बात कर रहे हैं वो भी फूट डालने साजिश ही कर रहे हैं !

Comments

  1. Have a glance of Bharka Dutt on why I oppose Ekta Yatra 'http://www.hindustantimes.com/StoryPage/Print/653156.aspx'

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  2. Please listen to 'BBC Bol India Bol' programme and you will appreciate my blog

    http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2011/01/110125_indiabol_forum_aish.shtml

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